उड़ान हौसलौं की
हमारे आज के लिए फैसले ही हमारे आने वाले कल की दशा और दिशा दोनों तय करते हैं। हम ज़िन्दगी से क्या चाहते हैं, ये हमें कोई दूसरा नहीं बता सकता अपनी राह हमें खुद ही चुननी पड़ेगी और अपनी मंजिल तक पहुंचने का रास्ता भी। देखा जाए तो हम सब अपनी ही बनायी कैद में जी रहे हैं हम आज़ाद तो है पर उस पंछी की तरह है जो पिंजरे से बाहर तो है पर शायद अपनी उड़ान भूल गया है। हम अपने सपनों को जीना तो चाहते हैं पर अपनी कोशिशों की सबसे बड़ी रूकावट भी हम खुद है।
हर मुश्किल अपने साथ उसका हल जरूर लाती है। बस उन मुश्किलों से निकलने का रास्ता हमें खुद ढूंढना है। हार मान लेना मुश्किलों से बाहर निकलने का रास्ता तो हो सकता है पर मुश्किलों का अंत नहीं। परेशानियों का सामना करना हमें मजबूत बनाता है, उनका डटकर सामना करना हमारी जीत की ओर हमारी एक बड़ी छलांग होगी।
चंद मुट्ठी भर ख्वाबों की उड़ानें
अपना आसमां चुनने को हैं
उम्मीद की नई किरण
फिर सवेरा होने को हैं
कर कोशिश रुक न तू
जीत तेरी होने को है
कहीं न कहीं हम सब एक डर में जीते हैं। क्या होगा ज्यादा से ज्यादा गलत हीं तो होगा पर फैसला लेकर तो देखिए वो आपका होगा। खुद पर यकीन करना सीखना होगा हमें अपने डर से जीतना होगा हमें। लोग क्या कहते हैं दुनिया क्या कहती है इन सबकी फिक्र इन सबको ही करने दीजिए बस आप आज के साथ खुद को बेहतर बनाना सीखिए। ये ज़िन्दगी आपकी है इससे जुड़ा हर फैसला आपका होना चाहिए और आपका आज लिया निर्णय ही आपका आने वाला कल तय करेगा। हर परिस्थिति में संयम, धैर्य, और खुद पर विश्वास बनाए रखना जरूरी है। विश्वास हमारे मन को मजबूती देता है हर परिस्थिति का सामना डटकर हिम्मत से करने की अपनी लड़ाई खुद लड़ने की हर क्षण कोशिश करते रहने की हार न मानने की जब तक हमें खुद पर यकीन है तब तक हमें कोई नहीं हरा सकता।
"हम अपनी कोशिशों की आवाज़ है, जिसकी गूंज हमारा आने वाला कल निर्धारित करेगी"
हर मुश्किल अपने साथ उसका हल जरूर लाती है। बस उन मुश्किलों से निकलने का रास्ता हमें खुद ढूंढना है। हार मान लेना मुश्किलों से बाहर निकलने का रास्ता तो हो सकता है पर मुश्किलों का अंत नहीं। परेशानियों का सामना करना हमें मजबूत बनाता है, उनका डटकर सामना करना हमारी जीत की ओर हमारी एक बड़ी छलांग होगी।
अपने हौसलों की सबसे ऊंची उड़ान हैं हम
अपनी जमीं अपना आसमान हैं हम
राह ठोकरों से माना भरी हैं हमारी
अनगिनत परेशानियों से ज़िन्दगी घिरी हैं हमारी
रूकना न कभी, थकना न कभी
मंजिल के आगे पैरों के निशां बाकी हैं अभी
Well said...really awesome😊😊
ReplyDelete